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August 16, 2018
MOTAPA KAM KAISE KARNE IS KE DESI WA AYURVEDIC UPAY मोटापा कम करने के देसी व आयुर्वेदिक उपाय
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Motapa Kam Karne Ke Desi Wa Ayurvedic Upay
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मोटापा घटायें-
परिचय- शरीर की लम्बाई के अनुपात में अस्वाभाविक मांस वृद्धि जोकि वस्तुतः मांस नहीं ‘मेद’ यानी चरबी होती है। मेद के रास्ते रूकने से धातुओं का पोषण नहीं होता है। इसलिए चरबी बढ़ती जाती है। चरबी बढ़ जाने से मनुष्य किसी भी प्रकार के परिश्रम करने में असमर्थ हो जाता है।
Motapa Kam Karne Ke Desi Wa Ayurvedic Upay
मोटापा आने का कारण-
1. शारीरिक परिश्रम कम या न करना।
2. दिन में सोने की आदत।
3. कफविकारवर्धक आहार एवं पेय का सेवन करना।
4. मीठे पदार्थों का अधिक सेवन करना।
5. मधुर रसों एवं घी आदि चिकनाई का अधिक प्रयोग करना ये मुख्य कारण हैं।
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मोटापा आने का लक्षण-
– मोटापे से ग्रस्त रोगी क्षुद्र श्वास, प्यास, मोह, निंद्रा, पीड़ा, ग्लानि, भूख, पसीना और बदबू का भी शिकार हो जाता है।
– कोई कठिन परिश्रम नहीं कर पाता है। यदि कभी ऐसा करने की परिस्थिति हो जाये तो करते ही हांफने लगता है, जैसे कि श्वास का रोगी हो।
– वह संभोग करने में भी असमर्थ हो जाता है।
– मेद का विशेष भाग पेट में होता है, इसलिए इसीलिये पेट बढ़ा होता है।
– मेद में वायु की राहें रूकी होती हैं, अतः वायु कोठे में ही घूमती रहती है, जिससे क्षुधा की वृद्धि होती है।
– आगे चलकर अग्नि और वायु की वृद्धि के दुष्परिणामस्वरूप शरीर में अनेक कष्ट हो जाते हैं।
– शरीर के अंग-प्रत्यंगों की मांसपेशियां थुल-थुली, झूलती-हिलती प्रतीत होती है।
– मोटापे के रोगी कई अन्य रोगों के शिकार हो जाते हैं, जैसे- मधुमेह, रक्तचाप, विसर्प, भगन्दर, बवासीर, प्रमेह, श्लीपद, कामला आदि।
– इनके पसीने से बदबू आती है। ये जूँ आदि के भी शिकार हो जाते हैं।
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मोटापा कम करने के आसान देसी उपाय-
1. मोटापे से ग्रस्त व्यक्ति को वमन विरेचन और लंघन(कै, दस्त और प्रति सप्ताह एक दिन उपवास) करायें।
2. पुराने चावल, मूंग, कुल्थी आदि आहार में दें।
3. गद्देदार बिस्तर पर अधिक देर तक आराम करने की आदत को छोड़ दें। कुछ न कुछ शारीरिक परिश्रम अवश्य करें।
4. खूब भूख लगने पर ही खाना खायें और जब लगे कि कुछ ही भूख शेष बाकी है, तब तुरन्त खाना छोड़ दें। चाहे भोजन कितना ही रूचिकर क्यों न हो।
5. आहार में मीठी चीजें और चिकनाई(घी, तेल आदि) न लें।
6. टमाटर का रस 200 मि.ली. प्रतिदिन सुबह खाली पेट और सायंकाल अवश्य लें।
7. चावल के माण्ड में घी में भुनी हींग और सेंधा नमक मिलाकर प्रतिदिन 2-3 बार जी भरकर(रूचि अनुसार) पीने को दें।
मोटापा करने के आयुर्वेदिक उपाय-
1. हरड़, बहेड़ा, आंवला, सोंठ, काली मिर्च, पीपर, सेंधा नमक(अन्य औषधियों काके देखते हुए मात्रा निर्धारित करें)- नमक मात्र नमकीन बनाने के लिए दें। अन्य सभी समान मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर शुद्ध सरसों के तेल में मिश्रित योग को मिलाकर रख लें। 5 ग्राम प्रतिदिन सुबह लगातार 6 मास तक दें। इससे कफ, मेद और वायु आदि तमाम कष्ट दूर हो जाते हैं और रोगी का कायाकल्प हो जाता है।
2. त्रिफला(आंवला, हरड़, बहेड़ा) एवं त्रिकुटा(सोंठ, पीपर और काली मिर्च) के योग में सेंधा नमक और शुद्ध सरसों का तेल मिलाकर दें।
3. त्रिफले का चूर्ण 10 ग्राम प्रतिदिन रात को शहद में मिलाकर शहद मिले पानी के साथ लेने से मेद का नाश होता है।
4. बृहत् पंचमूल का चूर्ण शहद में मिलाकर प्रतिदिन 1-2 बार शहद में मिलाकर सेवन करने से मोटापा कम हो जाता है। ये तीनों योग मात्र 40 दिन के प्रयोग से ही चमत्कारिक आशातीत परिणाम देते हैं।
5. परवल के पत्ते और चीते के काढ़े में सौंफ और हींग का चूर्ण मिलाकर प्रतिदिन पीने से किसी भी कारण से बढ़ा हुआ पेट कम हो जाता है। इसके नियमित सेवन से बढ़ी हुई मेद घट जाती है।
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6. अरण्ड के पत्तों का क्षार हींग डालकर लेने से और ऊपर से माण्ड समेत भात लेने से मेद का बढ़ना रूक जाता है।
7. जौ के सत्तू और त्रिफले के काढ़े(त्रिफला क्वाथ) में शहद मिलाकर पीने से मेद वृद्धि कम हो जाती है।
8. चीते की जड़ का चूर्ण 4 ग्राम शहद 10 ग्राम के साथ मिलाकर चाटने से पेट का बढ़ना रूक जाता है। पूर्ण सफल योग है।
9. प्रतिदिन सुबह खाली पेट पानी 250 मि.ली. में शहद 25 ग्राम मिलाकर लगातार 3 मास सेवन करने से मोटापा कम हो जाता है।
10. चावलों के माण्ड में एरण्ड के पत्तों का क्षार और घी में भुनी हींग मिलाकर प्रतिदिन खाने से मेद वृद्धि शीघ्र कम हो जाती है।
11. धतूरे के पत्तों का रस शरीर पर प्रतिदिन मलने से मोटा शरीर हल्का हो जाता है।
12. गौमूत्र 125 मि.ली. में शहद 20 ग्राम मिलाकर प्रतिदिन पीने से मोटा शरीर हल्का और सुंदर सुडौल हो जाता है।
13. चन्दरस 1 ग्राम, सिकंजवीन 25 ग्राम और पानी मिलाकर पीने से मोटा शरीर दुबला हो जाता है।




